12 फरवरी 2017
पानी की बारी कटने से 6.एम.एम.के मौगे से जुड़े किसानों का जल संसाधन विभाग के सामने शुरू किया गया धरना,आमरण अनशन में तब्दील हो गया।
आमरण अनशन के छठे दिन इलाके की कांग्रेस के फायर ब्रांड नेता डॉ सौरभ राठौड़ हनुमानगढ़ धरना स्थल पर पहुंचे,
और किसानों से उनकी पीड़ा जानी
एवं साथ ही उन्होंने किसानों को अपना समर्थन दिया।
और हर संभव किसानों की इस लड़ाई में उनके साथ डट कर खड़े रहने की बात कही।
डा सौरभ राठौड हनुमानगढ़ के धरना स्थल पर पहुंचने का जैसे ही हनुमानगढ़ के जिला प्रशासन को पता चला तो निष्क्रिय जिला प्रशासन तुरंत सक्रिय हो गया,
और जिला प्रशासन के प्रतिनिधि के रूप में हनुमानगढ़ तहसीलदार सुभाष कड़वासरा एवं नायब तहसीलदार रामरख शर्मा धरना स्थल पर किसानों से वार्ता के लिए पहुंचे।
वार्ता में कांग्रेस नेता डॉ सौरभ राठौड हनुमानगढ़ ने हनुमानगढ़ तहसीलदार सुभाष कड़वासरा नायब तहसीलदार रामरख शर्मा को दो टूक कहा कि पहले किसानों की काटी गई पानी की बारियों को जोड़ा जाए, राजनीतिक दबाव में तैयार की गई मिथ्या रिपोर्ट को रद्द किया जाए और नाजायज तरीके से किसानों की पानी की बारीओं को काटने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, सहित किसानों की पांच सूत्री मांगों को मानने के बाद ही किसी तरह की वार्ता प्रशासन से की जाएगी,उससे पहले कोई वार्ता नहीं की जाएगी।
सबसे पहले किसानों के पानी की काटी बारियों को सिचाई महकमा जोड़े और चालू करें।
उसके बाद ही कोई वार्ता की जाएगी।
कांग्रेस नेता डॉ सौरभ राठौड़ ने प्रशासन के अधिकारियों को दो टूक जवाब देते हुए कहा कि किसानों की उक्त मांगों को जल्द से जल्द नहीं माना गया तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
धरना स्थल पर एडवोकेट मोहन सिंह ढिल्लों,गुरविंदर सिंह,वीरा सिंह हरवीर सिंह,पवन कुमार दिनेश साहरण,रायसिंह नैण,बलवीर सिंह,राजेंद्र चौधरी,सुभाष वर्मा सहित इलाके के किसान भारी संख्या में उपस्थित थे।
पानी की बारी कटने से 6.एम.एम.के मौगे से जुड़े किसानों का जल संसाधन विभाग के सामने शुरू किया गया धरना,आमरण अनशन में तब्दील हो गया।
आमरण अनशन के छठे दिन इलाके की कांग्रेस के फायर ब्रांड नेता डॉ सौरभ राठौड़ हनुमानगढ़ धरना स्थल पर पहुंचे,
और किसानों से उनकी पीड़ा जानी
एवं साथ ही उन्होंने किसानों को अपना समर्थन दिया।
और हर संभव किसानों की इस लड़ाई में उनके साथ डट कर खड़े रहने की बात कही।
डा सौरभ राठौड हनुमानगढ़ के धरना स्थल पर पहुंचने का जैसे ही हनुमानगढ़ के जिला प्रशासन को पता चला तो निष्क्रिय जिला प्रशासन तुरंत सक्रिय हो गया,
और जिला प्रशासन के प्रतिनिधि के रूप में हनुमानगढ़ तहसीलदार सुभाष कड़वासरा एवं नायब तहसीलदार रामरख शर्मा धरना स्थल पर किसानों से वार्ता के लिए पहुंचे।
वार्ता में कांग्रेस नेता डॉ सौरभ राठौड हनुमानगढ़ ने हनुमानगढ़ तहसीलदार सुभाष कड़वासरा नायब तहसीलदार रामरख शर्मा को दो टूक कहा कि पहले किसानों की काटी गई पानी की बारियों को जोड़ा जाए, राजनीतिक दबाव में तैयार की गई मिथ्या रिपोर्ट को रद्द किया जाए और नाजायज तरीके से किसानों की पानी की बारीओं को काटने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, सहित किसानों की पांच सूत्री मांगों को मानने के बाद ही किसी तरह की वार्ता प्रशासन से की जाएगी,उससे पहले कोई वार्ता नहीं की जाएगी।
सबसे पहले किसानों के पानी की काटी बारियों को सिचाई महकमा जोड़े और चालू करें।
उसके बाद ही कोई वार्ता की जाएगी।
कांग्रेस नेता डॉ सौरभ राठौड़ ने प्रशासन के अधिकारियों को दो टूक जवाब देते हुए कहा कि किसानों की उक्त मांगों को जल्द से जल्द नहीं माना गया तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
धरना स्थल पर एडवोकेट मोहन सिंह ढिल्लों,गुरविंदर सिंह,वीरा सिंह हरवीर सिंह,पवन कुमार दिनेश साहरण,रायसिंह नैण,बलवीर सिंह,राजेंद्र चौधरी,सुभाष वर्मा सहित इलाके के किसान भारी संख्या में उपस्थित थे।





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