#देशव्यापी_किसान_आंदोलन
#जय_किसान #जय_जवान
#जहां_संघर्ष_नहीं_होता_वहां_शक्ति_नहीं_होती
#और_जहां_शक्ति_नहीं_होती_वहां_प्रगति_नही_होती
केंद्र की मोदी जी की सरकार के द्वारा कोरोना काल में आपदा को अवसर बनाते हुए लाए गये तीन किसान विरोधी काले अध्यादेशों के खिलाफ राजस्थान के पहले 22,और अब 50 किसान संगठन एकजुट हो चुके हैं।
बैठक में हनुमानगढ़ से मैं और मेरे साथी विक्रम नैण,राजेंद्र साहू ,इंद्रजीत सिंह भी शामिल हुए।
बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि।
1-एक सितंबर को पूरे राजस्थान में सभी किसान संगठन अपने-अपने जिला तहसील मुख्यालयों पर किसानों की प्रमुख मांगो,
जोकि निम्न प्रकार है।क) केंद्र सरकार तीनों किसान विरोधी काले अध्यादेश तुरंत वापस ले।
(ख) देश के किसानों को उनकी फसलों के पूरे दाम दिए जाए।
(ग) देश के किसानों को संपूर्ण कर्ज से मुक्त किया जाए।
(घ) स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट केंद्र सरकार जल्द से जल्द पूरे देश में लागू करें। लेकर राजस्थान प्रदेश के किसान प्रदेश के सभी जिला एवं तहसील मुख्यालयो पर केंद्र सरकार के नाम का एक मांग पत्र जिला कलेक्टर महोदय एवं एसडीएम महोदय को सौंपेंगे।2-उसके बाद 15 सितंबर तक राजस्थान की सभी ग्राम पंचायतों में किसान प्रतिनिधि किसान जागरूकता अभियान के तहत एक हस्ताक्षर अभियान चलाकर किसानों को तीनों काले अध्यादेशयों एवं अन्य तीनों मांगों के बारे में जागरूक करेंगे।
यह अभियान 15 सितंबर तक निरंतर जारी रहेगा उसके बाद किसानों के हस्ताक्षर युक्त मांग पत्रों को ग्राम पंचायतों के ग्राम विकास अधिकारी एवं पटवारीगण सहित उच्चाधिकारियों को सौंपा जाएगा।
3-उसके बाद 21 सितंबर को प्रदेश की सभी मंडियों के व्यापारी साथियों के सहयोग से मंडियों को बंद रखा जाएगा।एवं 21 सितंबर को सभी किसान साथी अपनी-अपनी मंडियों में अपने अपने ट्रैक्टरों पर काले झंडे बांधकर प्रदर्शन करेंगे।
और यदि फिर भी केंद्र की मोदी सरकार नहीं जागी तो पुन: जयपुर किसान भवन में सभी किसान संगठनों के प्रमुखों की एक बैठक आयोजित कर राजस्थान में किसान आंदोलन को और तेज करने की रणनीति तय की जाएगी।
बैठक में राजस्थान के सभी जिलों से 22 किसान संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए और अब किसान संगठनों की संख्या 50 हो चुकी है।
उक्त बैठक में सभी किसान संगठनों को एकजुट करने के लिए एक कोर कमेटी का भी गठन किया गया जिसमें रामपाल जी,रणजीत राजू जी,पंकज धनकड जी,कैलाश यादव जी,महेंद्र जाखड़ जी,के नाम सर्वसम्मति से तय किये गये,बैठक में सवाई सिंह जी ,धर्मपाल जाखड़ जी,राजेंद्र फौजी जी,रामेश्वर प्रसाद चौधरी जी इंदरजीत सिंह जी पन्नीवाली सहित सभी किसान प्रतिनिधियों ने राजस्थान में अपनी-अपनी राजनीतिक विचारधारा से ऊपर उठते हुए देश में किसान एवं किसानी को बचाने के लिए पूरी एकजुटता से लड़ाई लड़ने का संकल्प लिया।
और साथ ही बैठक में मौजूद सभी किसान संगठनों के प्रमुखों ने सर्वसम्मति से इस लड़ाई को लड़ने के लिए #राजस्थान_किसान_संगठन" का गठन किया।
0 comments:
Post a Comment