भाखड़ा सिंचाई प्रणाली क्षेत्र में सिंचाई पानी की मांग को लेकर अनिश्चित कालीन पड़ाव 18 जुलाई मंगलवार से शुरू कर दिया गया है ।
मंगलवार को भाखड़ा सिंचाई क्षेत्र की सूखी पड़ी नहरो में पेयजल एवं सिंचाई पानी की मांग को लेकर जब सिंचाई विभाग के चीफ साहब अमरजीत मेहरडा जी से मिलने उनके चेंबर पर पहुंचे तो चैंबर बाहर से लॉक था जिस पर पास वाले गेट पर बैठे गेटमैन से जब हमने पूछा कि चीफ इंजीनियर साहब का चैंबर बाहर से बंद क्यों है,
तब उन्होंने कहा कि अंदर मीटिंग चल रही है जिस पर हमारे द्वारा वहां तकरीबन 1 घंटे से ज्यादा इंतजार किया गया परंतु फिर भी सिंचाई विभाग के चीफ इंजीनियर साहब अमरजीत मेहरडा जी ने किसानों के साथ मुलाकात करना उचित नहीं समझा तो हमारे किसान साथियों का धैर्य जवाब दे गया और उनके चेंबर के बाहर बैठकर ही सिंचाई विभाग के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी जिसके बाद चीफ इंजीनियर साहब अमरजीत मेहरडा जी ने हमारे साथ बातचीत की। इस दौरान हमने सिंचाई विभाग के चीफ साहब अमरजीत मेहरडा जी को दो टूक कहा कि हमें हमारी भाखड़ा क्षेत्र की सूखी पड़ी नहरो में पानी चाहिए जिससे इलाके की फसल बर्बाद ना हो सके और इलाके की फसल को सिंचाई पानी मिल सके।
जिसके बाद भाखड़ा की नहरों में पानी देने की मांग को लेकर मजबूरन हमारे को हमेशा की तरह इस बार भी सिंचाई विभाग के सामने अनिश्चितिकालीन पड़ाव लगाना पड़ा ।
जिले में जहां एक तरफ बाढ़ आने की स्थिति बनी हुई है और प्रशासन पानी की निकासी के मार्ग ढूढ रहा है,
वहीं दूसरी तरफ बहुत ही विडम्बनीय स्थित है कि बिना सिंचाई पानी के भाखड़ा सिंचाई क्षेत्र के लाखों किसानों की फसल बर्बाद हो रही है।
सिंचाई महकमा जल्द से जल्द हमारी भाखड़ा क्षेत्र की नहरो में हमारा पेयजल एवं सिंचाई पानी पूरा करें अन्यथा भाखड़ा के किसानों के सामने मरता क्या ना करता की स्थिति है यदि किसी भी तरह की विषम परिस्थितियों आगामी समय में बनती हैं तो उसकी पूरी जिम्मेदारी सिंचाई विभाग की होगी।
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